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Showing posts from April, 2020

गंगा मैया की आरती ( हरिद्वार) ganga ji ki aarti

गंगा मैया की आरती   और गंगा जी की आरती वैसे तो आपने सुनी ही होगी नीचे आप देख सकते हैं। गंगा नदी को हिंदू लोग मां की तरह पूजते हैं ।     उनका मानना है कि यदि इस नदी के अंदर मरने के बाद इंसान की अस्तियों को लाकर डाल दिया जाता है तो उसके बाद उन लोगों को जन्म मरण के चक्र से मुक्ति मिल जाती है।कुछ यह कहते हैं कि प्रेत योनी से छूटकारा पाने के लिए यह आवश्यक होता है।   ‌‌‌यही वजह है कि दूर दूर से लोग अपने परिजनों की अस्तियों को बहाने के लिए आते हैं। यह हरिद्वार मे है , इलाहबाद और वाराणसी जैसे हिंदुओं के कई पवित्र स्थान गंगा नदी के तट पर ही स्थित हैं।   गंगा मैया की आरती ( हरिद्वार ) ganga ji ki aarti ॐ जय गंगे माता , मैया जय गंगे माता । जो नर तुमको ध्याता , मन वांशित फल पाता ॥ ॐ जय गंगे माता ... चन्द्र सी ज्योत तुम्हारी , जल निर्मल आता । शरण पड़े जो तेरी , सो नर तर जाता ॥ ॐ जय गंगे माता ... पुत्र सगर के तारे , सब जग को ज्ञाता । कृप

kali mata ki aarti काली मां की आरती संग्रह

‌‌‌ ‌‌‌आइए जानते हैं माता काली की आरती दोस्तों वैसे देखा जाए तो kali mata ki aarti अलग अलग जगह पर अलग अलग भी यूज की जाती है। हम आपको उनमे से कुछ चुनिंदा आरती दे रहे हैं। आप इनमे से कोई भी आपको जो सरल लगे उपयोग मे ले सकते है। काली की सबसे पहली उपस्थिति बुरी ताकतों को नष्ट करने की है। वह शक्ति का सबसे शक्तिशाली रूप है समय के साथ, काली की पूजा भक्ति आंदोलनों और तांत्रिक संप्रदायों द्वारा विभिन्न प्रकार से दिव्य माँ, ब्रह्मांड की माँ, आदि शक्ति, या आदि पराशक्ति के रूप में की जाती है । उसे ईश्वरीय रक्षक और मोक्ष या मुक्ति प्रदान करने वाले के रूप में भी देखा जाता है। ‌‌‌अक्सर काली को शिव के उपर खड़े हुए दिखाया जाता है।पूरे भारत में हिंदुओं द्वारा काली की पूजा की जाती है। kali mata ki aarti काली मां की आरती जय काली माता , माँ जय महा काली माँ। रतबीजा वध कारिणी माता। सुरनर मुनि ध्याता , माँ जय महा काली माँ॥ दक्ष यज्ञ विदवंस करनी माँ शुभ निशूंभ हरलि। मधु और कैितभा नासिनी माता। महेशासुर मारदिनी , ओ माता जय महा काली माँ॥ हे हीम